हज संस्कार आयोजित करने के संबंध में वर्षों से सऊदी अरब के षडयंत्र विभिन्न रूपों में जारी थे और अंततः इस वर्ष ईरान और सऊदी अरब के संबंधों के टूट जाने के ईरानी लोग इस वर्ष हज नहीं कर सकेंगे।
हज संस्कार के आयोजन में सऊदी अधिकारियों की अक्षमता के कारण पिछले वर्ष मिना में 400 से अधिक ईरानी और दूसरे देशों के कई हज़ार हाजी मारे गये इसके बावजूद सऊदी अधिकारियों ने ईरानी हाजियों के लिए अपमान जनक समझौते का प्रस्ताव दिया जिसे ईरानी राष्ट्र और सरकार ने रद्द कर दिया।
जो ईरानी प्रतिनिधिमंडल हज के संबंध में वार्ता करने के लिए सऊदी अरब गया था उसने ईरानी हाजियों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने और ईरानी हाजियों के लिए ईरान के अंदर से वीज़ा जारी करने जैसी बातों पर बल दिया। दो दौर की बात- चीत के दौरान सऊदी अधिकारियों ने जिस प्रकार ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बात की और उसने जो रुकावटें उत्पन्न की उससे व्यवहारिक रूप से ईरानी इस वर्ष हज करने से वंचित हो गये।
सऊदी अधिकारियों ने ईरानी अधिकारियों से वार्ता में इस बात की गैरेन्टी नहीं दी कि ईरानी, सुरक्षा और प्रतिष्ठा के साथ हज कर सकेंगे और उन्होंने सदैव ईरानी हाजियों के मार्ग में रुकावट उत्पन्न की। हज व ज़ियारत संस्था के प्रमुख सईद औहदी और इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी के महासचिव अयाद मदनी ने सऊदी अधिकारियों से हज के बारे में जो वार्ता की उसका कोई परिणाम नहीं निकला। उन्होंने कहा कि मतभेदों के समाधान के लिए सऊदी प्रतिनिधिमंडल के पास फैसला लेने की क्षमता मौजूद नहीं थी।
बहरहाल सऊदी अरब यह दिखाने का प्रयास कर रहा है कि इस वर्ष जो ईरानी हज नहीं कर पायेंगे उसके लिए ईरानी सरकार ज़िम्मेदार है जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है और सऊदी अरब की ओर से जो बाधायें व रुकावटें उत्पन्न की गयी हैं उनके कारण ईरानी इस वर्ष हज करने से वंचित रह जायेंगे।